शरीफ बाप और उसकी शैतान बेटी
मेरी चुदाई नहीं हो रही थी. रचित की ब्लैकमेल से तो मैं बच गयी थी. पर मेरी चूत को लण्ड की आदत हो गयी थी.
मेरा चुदाई करवाने का बहुत मन करता था. पर अब मैं डर के कारण किसी से भी सम्भन्ध बनाने से डर रही थी.
पर मैं अपनी चूत का क्या करती जिसे चुदाई की आदत पड़ गयी थी.
मेरी चूत की आग बढ़ती ही जा रही थी और मुझे इस आग को भुझाने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था।
मैंने अपनी उँगलियों से चूत को रगड़ने की कोशिश की, पर
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