पर अब मुझ से कंट्रोल करना मुश्किल लग रहा था, जिसका सबूत मेरी गांड अब मूव हो कर खुद ऊपर नीचे हो रही थी। पापा की बार मेरी चूची चुस्ते ऊपर उठ कर मेरे होठों को चूसने लगते तो मेरी साँसें तेज चलने लगती और मैंने पापा को अपनी बाहो में कस लिया और आलिंगन में कामुक आवाज बोली
"पापा! क्या कर रहे है बस कीजिए ना."



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